धमतरी जिले में नशे के खिलाफ पुलिस की लगातार चल रही मुहिम के बीच एक ऐसा खुलासा हुआ है जिसने पूरे जिले को हैरत में डाल दिया है..... जिस विभाग के कंधों पर कानून की हिफाज़त और अपराध पर लगाम लगाने की जिम्मेदारी है, उसी विभाग का एक कर्मचारी अब अवैध गांजा कारोबार में संलिप्त पाया गया है..... मामला थाना मगरलोड क्षेत्र का है, जहां बीते माह एनडीपीएस एक्ट के तहत हुई कार्रवाई में पुलिस ने अवैध गांजा और अन्य सामग्री के साथ एक पति-पत्नी को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा था.... उस वक्त यह कार्रवाई एक सामान्य नशा तस्करी का मामला लग रही थी, लेकिन जांच आगे बढ़ी तो कहानी ने चौंकाने वाला मोड़ ले लिया.... प्रकरण की विवेचना और संकलित साक्ष्यों के परीक्षण के दौरान एक नगर सैनिक की संलिप्तता उजागर हुई..... जांच में सामने आया कि महेश सिन्हा, जो नगर सैनिक के रूप में कार्यरत है, उक्त अवैध गांजा कारोबार से जुड़ा हुआ था तथा प्रकरण में उसकी सक्रिय भूमिका रही है..... पुलिस ने आरोपी की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी..... लगातार निगरानी के बाद थाना मगरलोड पुलिस ने महेश सिन्हा को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें मामले से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए.... पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया.... लेकिन इस गिरफ्तारी ने सिर्फ एक आरोपी को बेनकाब नहीं किया, बल्कि कई बड़े सवाल भी खड़े कर दिए हैं.... जिले में अब हर जुबान पर एक ही चर्चा है—क्या अवैध कारोबारियों के हौसले केवल उनकी अपनी ताकत से बढ़ते हैं, या उन्हें सिस्टम के भीतर से भी कहीं न कहीं सहारा मिलता और ? नगर सैनिक की गिरफ्तारी के बाद लोग यह सवाल उठा रहे हैं कि नशे, जुए, सट्टे और अन्य अवैध गतिविधियों के पीछे कहीं न कहीं विभागीय जानकारी या संरक्षण की भूमिका तो नहीं होती ? क्योंकि आम धारणा यही है कि जब तक अंदर की जानकारी बाहर नहीं पहुंचती, तब तक ऐसे कारोबार इतने लंबे समय तक फल-फूल नहीं सकते..... हालांकि पुलिस का दावा है कि वह नशे के कारोबार की जड़ों तक पहुंचकर पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन विभाग के ही एक कर्मचारी का इस मामले में आरोपी बन जाना निश्चित रूप से कई गंभीर प्रश्न खड़े करता है.... अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या यह सिर्फ एक नगर सैनिक तक सीमित मामला है, या फिर जांच के साथ इस काले कारोबार के और भी चेहरे सामने आएंगे ?
फिलहाल धमतरी में एक ही चर्चा है—





