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धमतरी में चिन्हांकन के नाम पर चल रहा बड़ा खेल, आम आदमी ठगा—मोटी रकम लेकर निपट रही रजिस्ट्री!

 


धमतरी के रजिस्ट्री दफ्तर में इन दिनों एक ऐसा खेल खेला जा रहा है, जो सीधे-सीधे आम लोगों की जेब और उनके हक़ दोनों पर वार कर रहा है........ नक्शा चिन्हांकित के नाम पर लोगों को पहले कानून का डर दिखाया जाता है… फिर उसी कानून को दरकिनार कर चुपचाप सौदा निपटा दिया जाता है...... जहां एक तरफ शासन के साफ आदेश हैं कि बिना ऑनलाइन नक्शा बटांकन के किसी भी जमीन की रजिस्ट्री नहीं की जा सकती… वहीं दूसरी तरफ हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है।


 कैसे हो रहा है पूरा खेल ?
जब कोई व्यक्ति अपनी बड़ी जमीन का छोटा हिस्सा बेचता है, तो नियम के अनुसार उस जमीन का विधिवत नक्शा चिन्हांकन (डिमार्केशन) होना जरूरी है… ताकि खरीदने वाले को भविष्य में कोई परेशानी ना हो।

लेकिन धमतरी में—
  पहले पीड़ित को शासन के आदेश की कॉपी दिखाकर डराया जाता है
  कहा जाता है कि बिना प्रक्रिया के रजिस्ट्री नामुमकिन है
  फिर अंदर ही अंदर लेन-देन की बात होती है
  और मोटी रकम लेकर काम चुपचाप निपटा दिया जाता है

यानी कागज पर कानून सख्त… मगर अंदरखाने में सब मैनेज!


 शासन का आदेश कहता है ?
तहसीलदार धमतरी द्वारा जारी आदेश (दिनांक 09/04/2026) के अनुसार:

 परिवर्तित शीट भूमि व बटांकन योग्य खसरों को छोड़कर
  किसी भी अन्य राजस्व भूमि का
 बिना विधिवत ऑनलाइन नक्शा बटांकन के
  केवल पटवारी के नजरिए (नजरी नक्शा) के आधार पर
 कोई भी पंजीयन (रजिस्ट्री) नहीं किया जाएगा।


 फिर भी क्यों हो रही रजिस्ट्री ?
यही बड़ा सवाल है…
जब नियम साफ हैं, आदेश लिखित में है, तो फिर—
  किसके इशारे पर नियमों को तोड़ा जा रहा है ?
  कौन हैं वो लोग जो इस सिस्टम को चला रहे हैं ?
  और क्यों आम आदमी को ही हर बार बलि का बकरा बनाया जा रहा है ?


 पीड़ितों की परेशानी
रजिस्ट्री के वक्त तो काम हो जाता है… लेकिन बाद में—
  नक्शा कट नहीं पाता
  जमीन का सीमांकन विवादित हो जाता है
  और खरीदार सालों तक सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटता रहता है

यानी जो भरोसा लेकर आया था… वही सबसे बड़ा नुकसान झेलता है...…


 जांच की मांग तेज
अब इस पूरे मामले ने तूल पकड़ लिया है....
शहर में चर्चा है कि अगर इस नक्शा खेल की निष्पक्ष जांच हो जाए… तो कई बड़े नाम सामने आ सकते हैं।


 आखिरी मे ?
क्या कानून सिर्फ दिखाने के लिए है ?
या फिर वाकई में आम जनता को न्याय मिलेगा ?

धमतरी अब जवाब चाहती है… और इंतज़ार है उस कार्रवाई का, जो इस खेल को हमेशा के लिए खत्म कर सके।



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