धमतरी में ऑनलाइन सट्टे के खिलाफ पुलिस की अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई ने शहर की सियासत, कारोबार और रसूखदार गलियारों में जबरदस्त हलचल पैदा कर दी है..... रेलवे स्टेशन के पास से पकड़े गए बड़े सटोरिये संदीप ओटवानी उर्फ जाटा की गिरफ्तारी अब सिर्फ एक सट्टेबाज की गिरफ्तारी नहीं मानी जा रही, बल्कि इसे एक बड़े सिंडिकेट की पहली कड़ी बताया जा रहा है, जिसके तार जिले से लेकर प्रदेश और अंतरराज्यीय स्तर तक फैले होने की चर्चा है..... सूत्रों की मानें तो जाटा कोई मामूली खिलाड़ी नहीं, बल्कि नगर निगम धमतरी के जिम्मेदार पदाधिकारी के कारोबार संभालने वाला भरोसेमंद चेहरा बताया जाता रहा है..... राईस मिलर, बिल्डर और बड़े कारोबारियों के बीच उसकी मजबूत पकड़ की चर्चा पहले से होती रही है..... अब पुलिस के हत्थे चढ़ने के बाद शहर में यह सवाल तेज हो गया है कि आखिर उसके मोबाइल में कौन-कौन से बड़े नाम दफ्न हैं…? कहा जा रहा है कि यदि पुलिस ने मोबाइल और बैंकिंग ट्रांजेक्शन की गहराई से जांच की, तो कई सफेदपोश, बड़े कारोबारी और रसूखदार चेहरे कानून के शिकंजे में आ सकते हैं..... शहर के चौराहों से लेकर राजनीतिक गलियारों तक सिर्फ एक ही चर्चा है —
क्या जाटा अकेला था… या पूरा सिंडिकेट चल रहा था…?
रेलवे स्टेशन के पास बिछा था ऑनलाइन सट्टे का जाल
मिली जानकारी के मुताबिक पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि रेलवे स्टेशन के पास मोबाइल के जरिए आईपीएल मैचों में रुपये-पैसों का दांव लगवाकर ऑनलाइन सट्टा संचालित किया जा रहा है..... सूचना मिलते ही पुलिस टीम एक्टिव हुई और पंचनामा तैयार कर गवाहों को साथ लेकर मौके पर घेराबंदी की गई...... पुलिस ने रंगे हाथ जिस व्यक्ति को पकड़ा, उसने अपना नाम संदीप ओटवानी उर्फ जाटा निवासी आमापारा धमतरी बताया..... पूछताछ में उसने कई ऐसे खुलासे किए जिसने जांच एजेंसियों को भी चौंका दिया..... आरोपी ने बताया कि उसने ALL PANNALE Exch 9 नाम के लिंक के जरिए आईपीएल मैचों में ऑनलाइन सट्टा खेलना और खिलाना शुरू किया था....... यह आईडी उसे अक्षय सचदेव नामक व्यक्ति द्वारा दी गई थी...... आरोपी के मुताबिक उसने 25 हजार रुपये देकर आईडी हासिल की थी, जिसका
यूजर आईडी – Babu1234
और
पासवर्ड – QWERTY12345 था।
GT-CSK मैच पर लग रहा था लाखों का दांव
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि गुजरात टाइटंस और चेन्नई सुपर किंग्स के बीच खेले जा रहे आईपीएल टी-20 मुकाबले पर ऑनलाइन दांव लगाया जा रहा था..... आरोपी मोबाइल के जरिए लोगों से रकम लेकर मैच पर सट्टा खिलवा रहा था..... जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने पहले भी लाखों रुपये के लेनदेन किए थे..... उसने खुद स्वीकार किया कि डेढ़ माह पहले खेले गए आईपीएल सट्टे की रकम उसने UPI अकाउंट के जरिए अक्षय सचदेव को ट्रांसफर की थी..... अब पुलिस उन बैंक खातों और यूपीआई ट्रांजेक्शनों की जांच में जुट गई है जिनके जरिए करोड़ों के नेटवर्क तक पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।
मोबाइल बना सबसे बड़ा सबूत…!
पूरे मामले में सबसे अहम आरोपी का मोबाइल फोन माना जा रहा है...... पुलिस सूत्रों के अनुसार मोबाइल में
- कई आईडी
- चैट हिस्ट्री
- बैंक डिटेल्स
- UPI ट्रांजेक्शन
- और बड़े खिलाड़ियों के संपर्क मौजूद हो सकते हैं।
यही वजह है कि अब साइबर एक्सपर्ट्स की मदद से मोबाइल डेटा खंगालने की तैयारी की जा रही है..... शहर में चर्चा है कि यदि मोबाइल की परतें खुलीं, तो कई ऐसे चेहरे बेनकाब हो सकते हैं जो अब तक पर्दे के पीछे बैठकर इस पूरे खेल को संचालित कर रहे थे।
सवालों के घेरे में सफेदपोश और रसूखदार चेहरे
जाटा की गिरफ्तारी के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर
इतने बड़े स्तर पर ऑनलाइन सट्टे का नेटवर्क बिना संरक्षण के कैसे चल रहा था…?
- क्या सिर्फ एक व्यक्ति पूरा नेटवर्क ऑपरेट कर रहा था…?
- क्या कारोबार और राजनीति से जुड़े लोगों का भी इसमें हाथ है…?
- क्या धमतरी केवल एक सेंटर था और इसका नेटवर्क दूसरे राज्यों तक फैला हुआ है…?
इन सवालों ने पूरे शहर में सनसनी फैला दी है..... आम लोगों का कहना है यदि आगे भी निष्पक्ष जांच हुई, तो कई बड़े नाम सामने आ सकते हैं।
पुलिस पर अब बड़ी कार्रवाई का दबाव
इस कार्रवाई के बाद अब लोगों की निगाहें पुलिस पर टिक गई हैं। शहर में मांग उठ रही है कि सिर्फ छोटे खिलाड़ियों पर कार्रवाई कर मामला दबाया न जाए, बल्कि
पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जाए।
लोगों का कहना है यदि
- मोबाइल डेटा
- बैंक अकाउंट
- UPI ट्रांजेक्शन
- और कॉल डिटेल्स
की गंभीरता से जांच हुई, तो धमतरी में चल रहे ऑनलाइन सट्टे के काले साम्राज्य का बड़ा खुलासा हो सकता है.....





