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नगर निगम धमतरी में उठे घोटाले के संगीन इल्ज़ाम, 7 दिन में जांच नहीं तो उग्र आंदोलन की चेतावनी


धमतरी नगर निगम एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गया है। शहर की सफाई व्यवस्था के नाम पर खरीदी गई टिप्पर गाड़ियों को लेकर अब सियासत गरमा गई है.... निगम प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया है कि जनता के टैक्स की रकम से खरीदी गई टिप्पर गाड़ियों में बड़ा घोटाला किया गया है..... मामला सिर्फ महंगी खरीद तक सीमित नहीं है, बल्कि बिना आरसी बुक, बिना इंश्योरेंस और बिना नंबर प्लेट के ही गाड़ियों को सड़क पर उतार देने का इल्ज़ाम भी लगाया गया है..... इन आरोपों के बाद शहर की फिज़ा में बेचैनी और लोगों के बीच कई सवाल तैरने लगे हैं कि आखिर सफाई के नाम पर किसे फायदा पहुंचाया गया…? नगर निगम धमतरी के नेता प्रतिपक्ष दीपक सोनकर अपने सहयोगियों के साथ निगम आयुक्त प्रिया गोयल के दफ्तर पहुंचे, जहां उन्होंने एक ज्ञापन सौंपते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग की..... प्रतिपक्ष का कहना है कि बाजार में लगभग 16 लाख रुपये कीमत वाली टिप्पर गाड़ियों को नगर निगम ने करीब 24 लाख 75 हजार रुपये में खरीदा, जिससे प्रति गाड़ी लगभग 9 लाख रुपये का आर्थिक नुकसान निगम को हुआ है..... नेता प्रतिपक्ष दीपक सोनकर ने आरोप लगाया कि यह सिर्फ लापरवाही नहीं बल्कि सुनियोजित गड़बड़ी का मामला प्रतीत होता है..... उन्होंने कहा कि जिन गाड़ियों को जनता की सुविधा और शहर की सफाई के लिए खरीदा गया, उन्हीं वाहनों को नियमों को ताक पर रखकर बिना जरूरी दस्तावेजों के सड़क पर दौड़ाया गया..... प्रतिपक्ष ने निगम प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है.... साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि 7 दिनों के भीतर जांच शुरू नहीं हुई तो निगम कार्यालय के सामने उग्र आंदोलन किया जाएगा..... इस दौरान उप नेता प्रतिपक्ष विशु देवांगन, पार्षद योगेश लाल, सूरज गहरवाल, सुमन सोमेश मेश्राम, पूर्णिमा गजानंद रजक, भागी ध्रुव और रामेश्वरी कोसरे भी मौजूद रहे.... विपक्षी पार्षदों ने कहा कि जनता की गाढ़ी कमाई से किसी भी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों पर कार्रवाई होने तक उनकी लड़ाई जारी रहेगी।



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