परिवार के साथ होटल में सुकून से खाना खाने पहुंचे थे… लेकिन थाली सामने आते ही एक के बाद एक ऐसी शिकायत सामने आई कि खाने का जायका ही नहीं, व्यवस्था पर भरोसा भी बिगड़ गया..... पहली खिचड़ी में पंख वाली इल्ली/कीड़ा मिला… शिकायत के बाद दूसरी खिचड़ी आई तो उसमें बाल मिलने की शिकायत… फिर वॉशरूम की कथित बदहाल सफाई… और घर लौटने के बाद परिवार के तीन सदस्यों की तबीयत खराब.....
अब इस पूरे मामले में एक और अहम पहलू सामने आया है—होटल में लगे निगरानी कैमरे..... शिकायतकर्ता का कहना है उस रात हुई गतिविधियां होटल के CCTV कैमरों में कैद होनी चाहिए..... ऐसे में बड़ा सवाल है—क्या खाद्य सुरक्षा विभाग तत्काल CCTV फुटेज सुरक्षित करवाकर उसे जांच का हिस्सा बनाएगा, या महत्वपूर्ण डिजिटल सबूत समय गुजरने के साथ मिटने का खतरा बना रहेगा ? मामला धमतरी के रुद्री स्थित होटल जिंजर का है..... शिकायतकर्ता देवेंद्र कुमार मिश्रा के मुताबिक वे 30 सितम्बर 2026 की रात करीब 8:30 बजे अपने परिवार और भिलाई से आए साथियों के साथ होटल में भोजन करने पहुंचे थे..... खिचड़ी, क्रिस्पी कॉर्न मशरूम, वेज पिज्जा, वेज हैदराबादी और बटर रोटी सहित अन्य खाद्य पदार्थ ऑर्डर किए गए..... आरोप है परोसी गई खिचड़ी में पंख वाली इल्ली/कीड़ा मिला..... तत्काल होटल स्टाफ और प्रबंधन को इसकी जानकारी दी गई..... इसके बाद दूसरी खिचड़ी परोसी गई, लेकिन शिकायत के मुताबिक उसमें भी बाल मिला, जिसके बाद उसे वापस करा दिया गया....
कैमरे में कैद है घटनाक्रम तो फुटेज की जांच क्यों नहीं ?
इस मामले में CCTV फुटेज बेहद महत्वपूर्ण कड़ी साबित हो सकती है..... शिकायतकर्ता का कहना है होटल परिसर में निगरानी कैमरे लगे हुए हैं और भोजन में गंदगी मिलने के बाद स्टाफ को बुलाने, शिकायत करने तथा भोजन वापस किए जाने से जुड़ी गतिविधियां कैमरों में कैद होने की संभावना है..... ऐसे में खाद्य सुरक्षा विभाग के सामने अहम सवाल है—क्या होटल को तत्काल निर्देश देकर 30 सितम्बर की रात करीब 8:30 बजे से संबंधित CCTV फुटेज सुरक्षित कराई जाएगी ? क्या जांच अधिकारी फुटेज देखकर शिकायत के समय होटल स्टाफ और प्रबंधन की प्रतिक्रिया की पड़ताल करेंगे ? और क्या यह सुनिश्चित किया जाएगा कि जांच पूरी होने तक संबंधित रिकॉर्ड सुरक्षित रहे ? शिकायत में होटल के वॉशरूम की साफ-सफाई पर भी गंभीर सवाल उठाए गए हैं..... आरोप है वहां पर्याप्त सफाई नहीं थी और हाथ धोने जैसी बुनियादी स्वच्छता व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं दिखाई दी..... होटल की ओर से खिचड़ी की राशि बिल से घटाकर 1,411 रुपये GST सहित का बिल दिया गया, जिसका शिकायतकर्ता ने भुगतान किया..... लेकिन सवाल यही है क्या खाने में कथित तौर पर इल्ली और बाल मिलने जैसी शिकायत का जवाब सिर्फ बिल से उस व्यंजन की रकम घटाना हो सकता है ? मामले की गंभीरता तब और बढ़ गई जब शिकायतकर्ता ने दावा किया घर पहुंचने के बाद उनकी, उनकी पत्नी और बच्चे की तबीयत खराब हुई तथा उल्टी और पेट संबंधी परेशानी हुई..... हालांकि स्वास्थ्य समस्या का कारण होटल का भोजन ही था या कोई अन्य वजह, इसकी पुष्टि चिकित्सकीय और विभागीय जांच से ही हो सकेगी..….
सवाल सिर्फ होटल से नहीं… निगरानी करने वाले विभाग से भी
अब खाद्य सुरक्षा अधिकारी को लिखित शिकायत दी गई है.... शिकायतकर्ता ने होटल के किचन, खाद्य सामग्री के भंडारण, भोजन तैयार करने की व्यवस्था, साफ-सफाई और वॉशरूम की जांच की मांग की है..... लेकिन इस शिकायत ने विभागीय निगरानी को लेकर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं—इस होटल का आखिरी खाद्य सुरक्षा निरीक्षण कब हुआ था ? निरीक्षण में किचन और स्टोरेज की क्या स्थिति मिली थी ? खाद्य पदार्थों के नमूने आखिरी बार कब लिए गए? नियमित निरीक्षण हो रहे हैं या शिकायत आने के बाद ही व्यवस्था जागती है ? और सबसे महत्वपूर्ण—क्या 30 सितम्बर की रात की CCTV फुटेज तत्काल सुरक्षित कर जांच में शामिल की जाएगी ? क्योंकि यह मामला सिर्फ एक प्लेट खिचड़ी, एक बाल, एक कीड़े या 1,411 रुपये के बिल तक सीमित नहीं है..... यह उस भरोसे और सेहत का सवाल है, जिसके भरोसे परिवार होटल और रेस्टोरेंट में भोजन करते हैं...... अब नजर खाद्य सुरक्षा विभाग पर है—जांच कितनी जल्दी शुरू होती है, और CCTV क्या कहानी बताता है




