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धमतरी में आज़ादी का जश्न बना अलहदा… देशभक्ति के जुनून संग नशे के ख़िलाफ़ बिगुल!


स्वतंत्रता दिवस के दिन शहर ने एक ऐसा नज़ारा देखा जिसने हर किसी को चौंका दिया.... सड़कों पर एक तरफ़ तिरंगे की लहराती शान, तो दूसरी तरफ़ गर्जती इंजनों की आवाज़… और बीच में गूंजते नारों ने माहौल को जोश और जज़्बे से भर दिया...... जागरूक युवा मंच धमतरी ने इस बार आज़ादी का जश्न कुछ हटकर मनाया। सिर्फ़ झंडा फहराने तक सीमित न रहकर, युवाओं ने तय किया कि देशभक्ति को असल मायनों में जिया जाए...... और —सैकड़ों नौजवानों की भव्य बाइक रैली, जिसका मक़सद था नशे से आज़ादी, वतन की तरक़्क़ी..... सुबह शिवाजी चौक से जब काफ़िला रवाना हुआ, तो शहर की गलियाँ “भारत माता की जय” और “वंदे मातरम्” के नारों से गूंज उठीं..... हर बाइक पर सवार युवा के हाथ में तिरंगा और आँखों में चमकती उम्मीद थी..... रैली घड़ी चौक से होते हुए बिलाई माता मंदिर परिसर पहुँची, जहाँ चारों ओर सिर्फ़ देशभक्ति का समंदर ही दिखाई दे रहा था।

कोमल संभाकर, मंच के संयोजक, ने जोश भरे शब्दों में कहा –

 आज़ादी का मतलब सिर्फ़ अंग्रेज़ों से मुक्ति नहीं, बल्कि हर उस बुराई से छुटकारा है जो समाज को कमज़ोर बनाती है। आज नशा सबसे बड़ा दुश्मन है। इसे छोड़ना ही सच्ची देशभक्ति है।

शहरवासियों ने जगह-जगह फूल बरसाकर युवाओं का स्वागत किया..... तिरंगे में लिपटी ये रैली मानो पूरे शहर के लिए संदेश थी कि नशे को ठुकराना ही असली वंदन है, और देश को सेहतमंद बनाना ही असली अभिनंदन है...... इस तिरंगा यात्रा में विनोद डिंडोलकर, राहुल पंडित, प्रेम राव, डीजे मोनू, संदीप देवांगन, अविनाश देवांगन, ख़ुशराज साहू, सुनील नागवंशी, पंकज सम्भाकर, मनीष खरे, संजू यादव समेत सैकड़ों युवाओं ने हिस्सा लिया।

 आज़ादी का जश्न इस बार सिर्फ़ आसमान में नहीं, बल्कि हर दिल और हर सवारी में झूम उठा… और पैग़ाम था —
देशभक्ति का मतलब है नशे से इंकार और वतन से प्यार।



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