धमतरी/रायपुर। अर्नब की हलचल अभी पूरी तरह थमी भी नहीं… आसमान साफ होने का इंतजार अभी खत्म भी नहीं हुआ… और उधर समंदर ने फिर करवट लेना शुरू कर दिया है...... बंगाल की खाड़ी से एक बार फिर ऐसी खबर सामने आई है, जिसने मौसम पर निगाहें टिका दी हैं..... दक्षिण अंडमान सागर और आसपास नया निम्न दबाव क्षेत्र सक्रिय हो चुका है..... फिलहाल यह अपनी शुरुआती अवस्था में है, मगर आने वाले कुछ घंटे तय करेंगे कि यह सिर्फ बारिश देने वाला मौसमी सिस्टम बनकर गुजर जाएगा… या फिर समंदर से एक और तूफानी कहानी शुरू होने वाली है.... सबसे बड़ा सवाल अब यही है—अर्नब के बाद क्या बंगाल की खाड़ी फिर किसी चक्रवाती तूफान की तैयारी कर रही है ? मौसम विभाग की नजर इस पूरे सिस्टम पर बनी हुई है...... मौजूदा पूर्वानुमानों के मुताबिक इसके पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने और 31 अक्टूबर के आसपास दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी में डिप्रेशन में बदलने की प्रबल संभावना है...... इसके बाद सिस्टम के और तीव्र होने के संकेत हैं..... हालांकि अभी इसे निश्चित रूप से चक्रवाती तूफान घोषित नहीं किया गया है....... यही वजह है अगले 24 से 48 घंटे इसकी ताकत, चाल और संभावित दिशा के लिहाज से बेहद अहम माने जा रहे हैं।
एक सिस्टम कमजोर… दूसरे की आहट ने बढ़ाया सस्पेंस
अर्नब कमजोर जरूर पड़ चुका है, लेकिन उसके बाद इतनी जल्दी समुद्री क्षेत्र में दूसरी मौसमी हलचल का उभरना ध्यान खींच रहा है...... समंदर के भीतर बनता दबाव, बदलती हवाएं और सिस्टम की आगे बढ़ती चाल अब मौसम की अगली तस्वीर तय करेगी..... अगर नया सिस्टम तेजी से ताकत हासिल करता है तो इसके प्रभाव वाले इलाकों में बारिश, तेज हवाओं और समुद्र में खराब हालात का खतरा बढ़ सकता है..... खासकर तटीय क्षेत्रों के लिए इसके हर अगले मूवमेंट पर निगाह रखना जरूरी होगा.....
अब नजर आंध्र तट की तरफ…
शुरुआती संकेत सिस्टम के आंध्र प्रदेश की दिशा की ओर बढ़ने की संभावना दिखा रहे हैं, लेकिन इसकी वास्तविक दिशा और तीव्रता आगे के मौसम अपडेट से और स्पष्ट होगी..... इसलिए अभी इसके लैंडफॉल की जगह, समय या चक्रवात बनने को निश्चित बताना जल्दबाजी होगी
छत्तीसगढ़–धमतरी के लिए भी बड़ा सवाल—क्या फिर लौटेगी बारिश ?
धमतरी सहित छत्तीसगढ़ के लिए फिलहाल सबसे अहम सवाल यही है इस नए सिस्टम का असर प्रदेश तक पहुंचेगा या नहीं ? अभी इसकी दिशा और ताकत पूरी तरह स्पष्ट नहीं हुई है, इसलिए धमतरी में भारी बारिश का दावा करना जल्दबाजी होगी.... सिस्टम जैसे-जैसे बंगाल की खाड़ी में आगे बढ़ेगा, इसके बाद ही छत्तीसगढ़ में बादल, बारिश या हवाओं पर संभावित असर की तस्वीर साफ हो सकेगी..... फिलहाल इतना जरूर है—अर्नब कमजोर पड़ा है, लेकिन बंगाल की खाड़ी अभी खामोश होती नहीं दिख रही.... समंदर में फिर हलचल है… नया सिस्टम आकार ले रहा है… और मौसम की अगली चाल पर सबकी निगाहें हैं...





