धमतरी/रायपुर। बंगाल की खाड़ी में उठी हलचल अब खौफ पैदा करने वाले तूफानी तेवर दिखाने लगी है... समुद्र में ताकत बटोर रहे चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ की आहट ने छत्तीसगढ़ की चिंता बढ़ा दी है...... हालात को देखते हुए प्रशासन सतर्क है और धमतरी और बस्तर संभाग के अधिकांश जिलों में एहतियातन स्कूलों में छुट्टी का ऐलान कर दिया गया है...... आसमान में घिरते बादल, भारी बारिश की चेतावनी और तूफान की बदलती चाल के बीच अब 28 और 29 अक्टूबर के अगले 48 घंटे बेहद अहम माने जा रहे हैं...... दक्षिण छत्तीसगढ़ में भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका ने फिक्र बढ़ा दी है, वहीं अब बड़ा सवाल धमतरी को लेकर भी है—क्या अर्नब का असर धमतरी और गंगरेल के कैचमेंट तक जोरदार बारिश लेकर पहुंचेगा ? अर्नब के प्रभाव से दक्षिण छत्तीसगढ़ में मौसम तेजी से बिगड़ने की आशंका है..... खासकर बस्तर संभाग पर खतरा ज्यादा मंडरा रहा है..... प्रशासन की तैयारियां और स्कूलों में छुट्टी का फैसला साफ इशारा कर रहा है कि आने वाले घंटों को हल्के में नहीं लिया जा रहा।
स्कूल बंद... प्रशासन अलर्ट, अब बारिश के जोर पर नजर
धमतरी–गंगरेल की बढ़ी फिक्र
अर्नब का सबसे गंभीर असर दक्षिण छत्तीसगढ़ में रहने की आशंका है, लेकिन धमतरी को भी पूरी तरह बेफिक्र नहीं माना जा सकता...... सिस्टम की दिशा और लैंडफॉल के बाद उसकी बची हुई ताकत मध्य छत्तीसगढ़ में बारिश की तीव्रता तय करेगी...... सबसे अहम है गंगरेल बांध का कैचमेंट... यदि कैचमेंट में लगातार मूसलाधार बारिश होती है तो जलाशय के इनफ्लो में तेजी से बढ़ोतरी हो सकती है..... इसलिए गंगरेल के जलस्तर और कैचमेंट की बारिश पर पैनी नजर रखना बेहद जरूरी होगा।
28-29 अक्टूबर... दो दिन बेहद अहम
फिलहाल घबराने की नहीं, लेकिन बेहद सतर्क रहने की जरूरत है..... खराब मौसम में नदी-नालों, पुल-पुलियों और जलभराव वाले रास्तों से गुजरने में खास सावधानी जरूरी होगी..... समुद्र में अर्नब का प्रचंड तेवर... बस्तर में स्कूलों की छुट्टी... प्रशासन अलर्ट और भारी बारिश की चेतावनी—ये तमाम संकेत आने वाले 48 घंटों की गंभीरता बता रहे हैं.... अब छत्तीसगढ़ की निगाहें आसमान पर हैं... क्योंकि अर्नब की अगली चाल ही तय करेगी कि इसका असर बस्तर तक सिमटता है या धमतरी–गंगरेल तक भी बारिश अपना जोर दिखाती है।






