Breaking News

अस्पताल के बाहर एक फोन… फिर कार और जमीन का राज़! पिता का इल्ज़ाम—बेटी को उठाने की धमकी, दूसरा पक्ष बोला—शिकायत फर्जी, करेंगे मानहानि का केस



पत्नी अस्पताल में भर्ती थी… पति पहले ही फिक्र और परेशानी में था.... तभी मोबाइल की घंटी बजी और जमीन के पुराने सौदे को लेकर मिलने की बात हुई..... शिकायतकर्ता का इल्ज़ाम है कि इसके बाद उसे अस्पताल के बाहर से कार में बैठाया गया, जमीन की रजिस्ट्री के लिए दबाव बनाया गया और मामला कथित तौर पर जान से मारने से लेकर रायपुर में पढ़ रही बेटी को उठाने की धमकी तक पहुंच गया..... मगर इस कहानी में नया मोड़ तब आया, जब शिकायत में दर्ज मोबाइल नंबर पर संपर्क किया गया..... फोन उठाने वाले जय श्रीवास्तव ने तमाम आरोपों से इनकार करते हुए कहा—मामला सिर्फ पैसों की बातचीत का था, न कोई अपहरण हुआ और न गाली-गलौज..... अब एक तरफ खौफ में परिवार पुलिस से सुरक्षा की गुहार लगा रहा है, तो दूसरी तरफ शिकायत को फर्जी बताकर मानहानि की कानूनी कार्रवाई की बात कही जा रही है..... आखिर हकीकत क्या है ? इसका राज़ पुलिस की जांच और सबूत ही खोलेंगे।

जमीन के एक पुराने सौदे से शुरू हुआ विवाद अब गंभीर इल्ज़ाम, धमकी और पलटवार के बीच उलझ गया है...... ग्राम रावां, तहसील व जिला धमतरी निवासी करीब 50 वर्षीय व्यक्ति ने पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत देकर तामेश साहू एवं अन्य लोगों पर कथित तौर पर दबाव बनाने और धमकाने के गंभीर आरोप लगाए हैं..... मामला 16 अक्टूबर 2026 का बताया गया है...... शिकायतकर्ता के मुताबिक उसकी पत्नी की तबीयत खराब होने के कारण वह धमतरी के ब्लू हिल्स हॉस्पिटल में मौजूद था....... इसी दौरान उसके मोबाइल पर एक फोन आया...... बातचीत ग्राम कोर्रा की जमीन के पुराने सौदे से शुरू हुई और मिलने की बात कही गई..... लेकिन शिकायत की मानें तो असली कहानी इसके बाद शुरू हुई....



अस्पताल से बाहर बुलाया… फिर कार में बैठाने का आरोप

शिकायतकर्ता का आरोप है कुछ देर बाद एक अंजान शख्स अस्पताल के पास पहुंचा और उसे फोन कर बाहर बुलाया..... बाहर आने पर कथित तौर पर उसे हाथ पकड़कर कार में बैठाया गया...... आवेदन के मुताबिक कार में जमीन की रजिस्ट्री कराने की बात शुरू हुई..... शिकायतकर्ता ने कहा कि पुराना एग्रीमेंट खत्म हो चुका है, इसलिए वह रजिस्ट्री नहीं कराएगा...... आरोप है इनकार के साथ ही बातचीत का लहजा बदल गया और मामला तल्ख हो गया..... शिकायतकर्ता का दावा है उस पर रजिस्ट्री कराने के लिए दबाव बनाया गया तथा गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की कथित धमकी दी गई।

बेटी का नाम आया… पिता के मुताबिक यहीं बढ़ गया खौफ

शिकायत में सबसे संगीन इल्ज़ाम शिकायतकर्ता की बेटी को लेकर लगाया गया है.... उसका दावा है बातचीत के दौरान रायपुर में पढ़ रही उसकी बेटी का जिक्र करते हुए उसे उठवा लेने की कथित धमकी दी गई..... पीड़ित के मुताबिक बेटी का नाम आते ही वह सहम गया.... शिकायत में आगे कहा गया है उसे कार से सुमित बाजार के सामने स्थित दत्ता कार वाशिंग सेंटर की तरफ ले जाया गया, जहां जमीन से जुड़े तामेश साहू व कुछ अन्य लोग भी पहुंचे और कथित रूप से रजिस्ट्री कराने का दबाव बनाया गया।

तभी पहुंचा एक परिचित… और कहानी ने लिया नया मोड़

शिकायत के मुताबिक इसी दौरान परिचित नूर मोहम्मद वहां पहुंचा.... उसे देखकर शिकायतकर्ता की हिम्मत बढ़ी और वह वहां से निकलकर वापस अस्पताल पहुंचा..... इसके बाद उसने पत्नी और परिवार के दूसरे सदस्यों को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी..... अब पीड़ित ने पुलिस से मामले की जांच, उचित कार्रवाई और अपने परिवार की हिफाज़त की गुहार लगाई है।

जिस नंबर का शिकायत में जिक्र, वहां फोन किया तो सामने आई दूसरी कहानी

इस मामले में दूसरा पक्ष जानने के लिए शिकायत में जिस मोबाइल नंबर से फोन किए जाने का उल्लेख है, उस नंबर पर हमारे द्वारा संपर्क किया गया...... फोन रिसीव करने वाले व्यक्ति ने अपना नाम जय श्रीवास्तव बताया...... जय श्रीवास्तव ने शिकायत में लगाए गए आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए दावा किया कि शिकायत फर्जी है और ऐसी कोई वारदात नहीं हुई..... बातचीत केवल पैसों को लेकर हुई थी...... उनका कहना है संबंधित व्यक्ति ने दशहरा के बाद बैठकर दोबारा बातचीत करने की बात कही थी, लेकिन अब अपहरण, गाली-गलौज और धमकी जैसे आरोप लगाकर शिकायत कर दी गई..... जय श्रीवास्तव ने अपहरण और गाली-गलौज के आरोपों से इनकार करते हुए कहा वे इस मामले में शिकायतकर्ता के खिलाफ मानहानि की कानूनी कार्रवाई करेंगे।

एक शिकायत… दो दावे और कई सवाल—आखिर सच क्या है ?

अब मामला दिलचस्प ही नहीं, बेहद संजीदा भी हो गया है.... एक तरफ शिकायतकर्ता कार में बैठाकर दबाव बनाने, जान से मारने और बेटी को उठाने की धमकी देने का आरोप लगा रहा है..... दूसरी तरफ जय श्रीवास्तव इन तमाम आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए विवाद को सिर्फ पैसों की बातचीत से जुड़ा बता रहे हैं..... ऐसे में सवाल है - अस्पताल के बाहर आखिर क्या हुआ ? फोन पर क्या बातचीत हुई ? कार कहां गई ? आसपास के CCTV में क्या कैद हुआ ? और दोनों पक्षों के दावों में किसकी बात सबूतों की कसौटी पर खरी उतरती है ? फिलहाल शिकायत में लगाए गए आरोप साबित नहीं हुए हैं और दूसरे पक्ष ने उनका स्पष्ट खंडन किया है..... अब पुलिस की तफ्तीश, उपलब्ध CCTV फुटेज, कॉल संबंधी रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्य ही इस पूरे मामले की असल हकीकत सामने ला सकेंगे।

Show comments
Hide comments
Cancel