CG-13 नंबर के एक हाइवा चालक का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने का दावा है..... जिसमें चालक गाड़ी रोकने और पैसे मांगने जैसे गंभीर आरोप लगा रहा है..... यानी कल तक जो लोग सवाल उठा रहे थे..... आज सवाल उन्हीं पर उठने लगे हैं!
हालांकि वायरल वीडियो और चालक के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है..... जिन लोगों पर आरोप लगाए गए हैं, उनका पक्ष सामने आना भी जरूरी है..... लेकिन इस वीडियो ने धमतरी में रेत को लेकर चल रही पूरी कहानी को एक नया और सनसनीखेज मोड़ जरूर दे दिया है.....
जिन हाथों में शिकायत का कागज़ था...
अगर उन्हीं हाथों पर वसूली के दाग लगें... तो फिर पहरेदार और खिलाड़ी में फर्क कैसे होगा ? अब सवाल सिर्फ इतना नहीं कि रेत वैध है या अवैध..... सवाल यह भी है क्या शिकायत की आड़ में हाइवा चालकों पर दबाव बनाकर कोई दूसरा खेल चल रहा था ? अगर चालक के आरोप सही हैं तो गाड़ियां किस अधिकार से रोकी जा रही थीं ? किसने रोकीं ? क्या पैसे मांगे गए? और यदि मांगे गए तो किस बात के ? इधर धमतरी में रेत को लेकर पुरानी पहेली भी जस की तस है..... रात करीब 9 बजे के बाद रेत से भरे हाइवा की लंबी कतारें निकलने के आरोप..... कुछ वाहनों पर लगे पोरा तिहार के स्टिकर का रहस्य..... और कथित रेत डम्प का ऐसा गणित, जिस पर पहले से सवाल खड़े हैं.....
रातभर हाइवा निकलते हैं.....
रेत जाती रहती है.....
गाड़ियों की कतार चलती रहती है.....
लेकिन डम्प आखिर खाली क्यों नहीं होता?
अगर रेत लगातार बाहर जा रही है तो डम्प में दोबारा रेत कहां से पहुंच रही है ? उसका स्रोत क्या है ? रॉयल्टी कहां है ? परिवहन अनुमति कहां है ? और सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज स्टॉक तथा मौके पर मौजूद रेत का हिसाब आपस में मिलता भी है या नहीं ? अब इस पूरे मामले में जांच दोनों तरफ जरूरी है... अगर हाइवा में अवैध रेत है तो कार्रवाई हो..... लेकिन अगर अवैध रेत की शिकायत करने के नाम पर कोई गाड़ी रोककर कथित वसूली कर रहा है, तो उस पर भी उतनी ही सख्त कार्रवाई हो..... वायरल वीडियो की सत्यता जांची जाए..... चालक के आरोपों की तस्दीक हो..... संबंधित लोगों का पक्ष लिया जाए..... और साथ ही हाइवा की रॉयल्टी, डम्प के स्टॉक तथा पोरा तिहार स्टिकर वाले वाहनों की भी जांच हो..... क्योंकि रेत की इस कहानी में अब सिर्फ धूल नहीं उड़ रही..... आरोपों की ऐसी गर्द उठी है, जिसमें पहरेदार और खिलाड़ी की पहचान पर ही सवाल खड़ा हो गया है..... कल तक जो सवाल लेकर खड़े थे..... आज सवाल उन्हीं के दरवाज़े पर है.....
धमतरी अब पूछ रहा है—रेत पर पहरा है..... या पहरे के पीछे भी कोई खेल है ?





