दफ्तर सरकारी था… काम भी सरकारी था… लेकिन आरोप है उसी काम की कीमत 20 हजार रुपये तय कर दी गई थी..... मामला धमतरी जिले के कुरूद एसडीएम कार्यालय का है, जहां एक शिकायत ने पूरे दफ्तर में खलबली मचा दी....... डायवर्शन से जुड़े काम के लिए 20 हजार रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप भू-अर्जन शाखा में पदस्थ सहायक ग्रेड-3 पुनेश्वर सूर्यवंशी पर लगा… लेकिन जिसकी जेब से रकम निकलनी थी, उसने रिश्वत देने के बजाय सीधे एंटी करप्शन ब्यूरो का दरवाजा खटखटा दिया। शिकायत हुई… तस्दीक हुई… फिर बेहद खामोशी से ACB ने जाल बिछाया..... और इसके बाद आया कहानी का सबसे बड़ा मोड़… 20 हजार की कथित डिमांड में से जैसे ही 10 हजार रुपये हाथ में पहुंचे, पहले से तैयार एसीबी की टीम ने दबिश दे दी...... सहायक ग्रेड-3 पुनेश्वर सूर्यवंशी को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़कर गिरफ्तार कर लिया गया...... शिकायतकर्ता प्रकाश चंद्राकर के मुताबिक, डायवर्शन से जुड़े काम के एवज में उनसे 20 हजार रुपये मांगे गए थे। शिकायत की तस्दीक के बाद एसीबी ने पूरी कार्रवाई को अंजाम दिया...... अब आरोपी कर्मचारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आगे की कार्रवाई की जा रही है.... इधर एसीबी की अचानक हुई कार्रवाई और कर्मचारी की गिरफ्तारी की खबर फैलते ही कुरूद एसडीएम कार्यालय में हड़कंप मच गया.... सवाल अब सिर्फ 10 हजार रुपये की बरामदगी का नहीं… सवाल उस सिस्टम पर भी है, जहां सरकारी काम के बदले कथित तौर पर रिश्वत की कीमत तय करने का आरोप सामने आया है।
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