NH-30 की सड़क… कोड़ापार नहर पुलिया के पास खड़ा एक शख्स… और उसके पास पॉलीथीन में नीली-फिरोजी झिल्ली के भीतर छिपे सफेद, चमकदार और पारदर्शी पत्थर! देखने में मामला मामूली लग सकता था, लेकिन मुखबिर से मिली एक खबर ने पुलिस को अलर्ट कर दिया..... बिरेझर पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने जैसे ही मौके पर घेराबंदी कर संदिग्ध को हिरासत में लिया और तलाशी ली, 146 नग कथित बहुमूल्य हीरे जैसे पत्थर बरामद होने का दावा किया गया...… पुलिस के मुताबिक इनका शुद्ध वजन 13.49 ग्राम है और अनुमानित कीमत 10 लाख 5 हजार रुपये आंकी गई है...… मोबाइल और नकदी मिलाकर कुल जब्ती 10 लाख 15 हजार 200 रुपये बताई गई है...... लेकिन इस कहानी का सबसे चौंकाने वाला मोड़ पूछताछ में सामने आया...... पुलिस के अनुसार आरोपी ने मेमोरेंडम कथन में दावा किया कि ये पत्थर उसके पास आज से नहीं, बल्कि साल 2018 से थे और इन्हें गरियाबंद जिले के पायलीखंड खदान क्षेत्र से चोरी कर लाया गया था...... अब इन्हें बेचने के लिए ग्राहक की तलाश की जा रही थी..... यानी करीब आठ साल पुराने राज़ की परतें NH-30 पर हुई इस कार्रवाई के बाद खुलने का दावा किया जा रहा है..... पुलिस के मुताबिक 18 अक्टूबर 2026 को जुर्म-जरायम की पतासाजी और पेट्रोलिंग के दौरान मुखबिर से सूचना मिली थी कोड़ापार नहर पुलिया के पास एक व्यक्ति बहुमूल्य पत्थर लेकर ग्राहक की तलाश में खड़ा है...... सूचना मिलते ही बिरेझर पुलिस और साइबर सेल की टीम ने मौके पर दबिश देकर संदिग्ध को हिरासत में लिया..... पूछताछ में उसकी पहचान विनोद अग्रवाल, पिता बंशीलाल अग्रवाल, उम्र 64 वर्ष, निवासी के.के. वार्ड, भाटापारा, जिला बलौदाबाजार-भाटापारा के रूप में हुई...... तलाशी में पॉलीथीन के भीतर नीले और फिरोजी रंग की झिल्ली में लिपटे 146 सफेद, चमकदार और पारदर्शी बहुमूल्य पत्थर मिलने की बात पुलिस ने कही है..... पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 146 नग बहुमूल्य पत्थर, जिनका कुल वजन 16.17 ग्राम और शुद्ध वजन 13.49 ग्राम बताया गया है, के अलावा Samsung Galaxy S21 FE 5G मोबाइल फोन, दो सक्रिय सिम और 2,200 रुपये नकद जब्त किए हैं..... पत्थरों की अनुमानित कीमत 10.05 लाख रुपये, मोबाइल की कीमत 8 हजार रुपये बताई गई है...... पुलिस ने आरोपी के खिलाफ खान एवं खनिज अधिनियम की धारा 21(4) तथा भारतीय न्याय संहिता की धारा 303(2) के तहत अपराध दर्ज कर 19 अक्टूबर को गिरफ्तार किया...... आरोपी को न्यायालय कुरूद के समक्ष पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजने की कार्रवाई की जा रही है...... अब जांच का अहम पहलू यह भी होगा.. 2018 में पायलीखंड से निकले ये बहुमूल्य पत्थर इतने वर्षों तक कहां और किस तरह रखे गए, इनके संभावित खरीदार कौन थे और क्या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क भी जुड़ा है.... फिलहाल पुलिस की कार्रवाई ने आठ साल पुराने बताए जा रहे इस हीरों के राज़ को फिर सुर्खियों में ला दिया है।
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› NH-30 पर हीरों का राज़! नहर पुलिया के पास ग्राहक का इंतज़ार… पुलिस पहुंची तो खुला 146 नग बहुमूल्य पत्थरों का राज़
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