धमतरी अब थमने वाला नहीं…
क्योंकि अब इस शहर ने ठान लिया है — विकास की रफ़्तार को कोई नहीं रोक सकता..... सालों से जो आवाज़ें सिर्फ फाइलों में दबी थीं, जो मांगें धूल में खो गई थीं, अब वही अरमान मेयर रामू रोहरा की कोशिशों से हकीकत बन रहे हैं...... शहर के नये बस स्टैंड को जोड़ने वाले अर्जुनी, भानपुरी, कुर्रीडीह, तरसीवा, कुर्रा, अमलीडीह और हसदा मार्ग का चौड़ीकरण अब तय हो चुका है..... इस विशाल प्रोजेक्ट के लिए 24 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिल गई है,
...जो धमतरी के नक्शे को नया आकार देने जा रही है.....
वर्षों पुरानी मांग — अब हुआ जनता का सपना पूरा
बरसों से धमतरी के लोग इस सड़क के चौड़ीकरण की आस लगाए बैठे थे..... तंग सड़कों पर ट्रैफिक की परेशानी, धूल और भीड़ से रोज़ जूझते लोग — अब राहत की सांस लेंगे..... यह सिर्फ एक सड़क नहीं, बल्कि धमतरी के हर नागरिक की उम्मीदों का रास्ता है.....
स्वीकृति की खबर मिलते ही शहर में खुशी की लहर दौड़ गई....
लोगों ने कहा —
अब वाक़ई लगता है, कोई हमारे शहर की फिक्र करता है।
रामू है तो मुमकिन है विकास!
रामू रोहरा बोले — यह धमतरी की नई पहचान का आरंभ है
मेयर रामू रोहरा ने इस परियोजना को धमतरी के स्वाभिमान और संभावना से जोड़ा है।
उन्होंने कहा —
यह सिर्फ सड़क नहीं, धमतरी की दिशा है....
हमारा उद्देश्य है कि विकास केवल कागज़ों में नहीं, बल्कि हर घर, हर गली में दिखे....
मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, प्रभारी मंत्री और सांसद के सहयोग से हमने यह बड़ी मंज़ूरी दिलाई है।
रामू रोहरा ने यह भी कहा कि आने वाले समय में शहर के हर वार्ड, हर मोहल्ले में विकास के नए कार्य दिखेंगे —
सड़कें, लाइटें, पार्क और नागरिक सुविधाएँ — सब एक सुनियोजित योजना का हिस्सा हैं।
जनता का जोश, शहर की नई सोच
धमतरी की सड़कों पर अब सिर्फ गाड़ियाँ नहीं दौड़ेंगी — तरक्की दौड़ेगी.... जहाँ कभी धूल उड़ती थी, वहाँ अब चमक और रौनक दिखेगी..... हर मोड़ पर एक नई कहानी होगी — बदलाव की, विश्वास की और नेतृत्व की..... लोगों के दिल में अब सिर्फ शिकायतें नहीं, बल्कि उम्मीदें हैं...
हर जुबान पर एक ही नाम है —
रामू रोहरा — जो वादे नहीं, काम करता है।
अब धूल नहीं, धमतरी चमकेगा
यह परियोजना सिर्फ शहर का इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं बदलेगी,
बल्कि लोगों के सोचने का तरीका भी बदलेगी..... क्योंकि जब नेतृत्व सच्चा हो और नीयत साफ़ — तो नतीजे अपने आप बोलते हैं।
यही है बदलाव, यही है विकास का असली चेहरा।
क्योंकि — रामू है तो मुमकिन है विकास!





