आस्था जब परंपरा से मिलती है तो वह केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं रह जाती, बल्कि पीढ़ियों तक लोगों की आस्था का आधार बन जाती है...... धमतरी के ऐतिहासिक जगदीश मंदिर में शनिवार से भगवान जगन्नाथ महाप्रभु की पावन रथयात्रा महोत्सव की शुरुआत इसी दिव्य माहौल के बीच हुई...... भगवान जगन्नाथ, बहन सुभद्रा और भाई बलभद्र के बीमार होकर एकांतवास में रहने की प्राचीन मान्यता के अनुसार श्रद्धालुओं को औषधीय काढ़ा प्रसाद वितरित किया गया..... जैसे ही मंदिर के कपाट खुले, श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गईं और पूरा परिसर जय जगन्नाथ के जयघोष से गूंज उठा..... श्रद्धा, विश्वास और भक्ति से सराबोर यह नज़ारा हर किसी के मन को भाव-विभोर कर गया..... करीब 108 वर्षों से चली आ रही इस पावन परंपरा का निर्वहन करते हुए शनिवार सुबह ब्रह्म मुहूर्त में विशेष विधि से तैयार किए गए औषधीय काढ़े का वितरण प्रारंभ किया गया..... महा आरती, वैदिक मंत्रोच्चार, शांति पाठ और पूजा-अर्चना के बाद श्रद्धालुओं को उनके द्वारा लाए गए पात्रों में काढ़ा प्रसाद वितरित किया गया...... प्राचीन जड़ी-बूटियों और अनेक औषधीय सामग्रियों से तैयार यह काढ़ा केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य और आयुर्वेदिक परंपरा का भी संदेश देता है........ जगदीश मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष किरण कुमार गांधी ने बताया कि प्रतिदिन सुबह 7:30 बजे से मंदिर परिसर में काढ़ा वितरण किया जाएगा...... यह सेवा 14 जुलाई तक निरंतर जारी रहेगी..... उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अपने घर से स्वयं का पात्र लेकर आएं, ताकि व्यवस्थित रूप से सभी को काढ़ा प्रसाद उपलब्ध कराया जा सके...... रथयात्रा महोत्सव को भव्य, दिव्य और पारंपरिक स्वरूप देने के लिए मंदिर ट्रस्ट अंतिम तैयारियों में जुटा हुआ है...... वर्षों पुरानी धार्मिक परंपराओं का पूरी श्रद्धा और गरिमा के साथ पालन किया जा रहा है..... मंदिर परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया जा रहा है और रथयात्रा को यादगार बनाने के लिए विभिन्न व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है....... काढ़ा वितरण एवं सेवा कार्य में पुजारी बालकृष्ण शर्मा, गौरव शर्मा, ट्रस्ट अध्यक्ष किरण कुमार गांधी, उपाध्यक्ष सत्यनारायण राठी, सचिव प्रकाश गांधी, सहसचिव मोहन अग्रवाल, कोषाध्यक्ष लखमशी भानुशाली, ट्रस्टी श्यामसुंदर अग्रवाल और डॉ. हीरा महावर सहित अनेक श्रद्धालु सेवा भाव से जुटे हुए हैं...... वहीं रथयात्रा महोत्सव की तैयारियों में प्रीतेश गांधी, संजय अग्रवाल, दिलीप सोनी, महेंद्र पंडित, पूर्व सभापति राजेंद्र शर्मा सहित अनेक समाजसेवी और भक्त तन-मन से सेवा कार्य में लगे हुए हैं....... मंदिर परिसर में हर ओर भक्ति, सेवा और समर्पण का अनुपम दृश्य दिखाई दे रहा है, जो धमतरी की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को जीवंत बनाए हुए है...... 14 जुलाई तक चलने वाले इस पावन महोत्सव में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है...... महाप्रभु जगन्नाथ की कृपा, औषधीय काढ़ा प्रसाद और सदियों पुरानी परंपरा का यह अनूठा संगम श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक ऊर्जा, अकीदत, विश्वास और स्वास्थ्य का संदेश लेकर आया है।





