क्या धमतरी में अब कानून का डर खत्म हो चुका है...? क्या सड़कों पर फैसला पुलिस नहीं, बल्कि बदमाश करने लगे हैं...? यह सवाल इसलिए उठ रहे हैं क्योंकि पिछले कुछ समय से जिले में नशे की आड़ में मारपीट, गाली-गलौज, खुलेआम धमकी, सरेराह बेइज्जती और दहशत फैलाने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं....... सबसे हैरानी की बात यह है कि ऐसे कई मामलों के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बावजूद बदमाशों के हौसले टूटते नहीं, बल्कि और बुलंद नजर आते हैं...... ताजा मामला अर्जुनी थाना क्षेत्र के मुजगहन और खरतुली गांव का है, जहां के दो अलग-अलग वायरल वीडियो पूरे जिले में चर्चा का विषय बने हुए हैं..... वीडियो में एक युवक खुलेआम दूसरे युवक को चप्पलों से पीटता, भद्दी गालियां देता और सरेराह अपमानित करता दिखाई दे रहा है.... आसपास लोग मौजूद हैं, लेकिन किसी के चेहरे पर कानून का भरोसा नहीं, बल्कि खामोशी दिखाई देती है.....
इन वीडियो के वायरल होने के बाद लोगों के बीच भारी आक्रोश है..... लोगों का कहना है अगर अपराध कैमरे में कैद होकर पूरी दुनिया देख रही है, तो फिर कार्रवाई के लिए शिकायत का इंतजार क्यों...? क्या पुलिस स्वतः संज्ञान लेकर ऐसे तत्वों पर शिकंजा नहीं कस सकती ? अगर नहीं, तो फिर बदमाशों के मन में कानून का डर पैदा कैसे होगा ? धमतरी कभी शांति और सौहार्द की पहचान हुआ करता था, लेकिन अब लगातार सामने आ रही घटनाएं लोगों के दिलों में डर पैदा कर रही हैं..... माता-पिता अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं, राहगीर खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं और आम नागरिक पूछ रहे हैं—आखिर सुरक्षा के नाम पर होने वाले भारी खर्च का फायदा किसे मिल रहा है ? अब सबसे बड़ा सवाल यही है क्या पुलिस इन वायरल वीडियो को सिर्फ सोशल मीडिया की खबर मानकर छोड़ देगी, या फिर बिना शिकायत का इंतजार किए कानून का इकबाल कायम करने के लिए सख्त कार्रवाई करेगी ? क्योंकि अगर आज भी खामोशी रही, तो कल सड़क पर कानून नहीं, बल्कि बदमाशों का खौफ दिखाई देगा।





