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बंद कमरे में फूटा ग़ुस्सा... प्रदेश महामंत्री के सामने ही भिड़े पार्षद और एमआईसी सदस्य!

 



धमतरी नगर निगम की सियासत में लंबे समय से सुलग रही नाराज़गी आखिरकार उस वक्त सबके सामने फूट पड़ी, जब शिकायतों का पटाक्षेप करने पहुंचे भाजपा के प्रदेश महामंत्री अखिलेश सोनी की मौजूदगी में ही एक पार्षद और एमआईसी सदस्य के बीच तीखी झूमाझटकी हो गई...... हालात इतने तनावपूर्ण हो गए कि बैठक कक्ष से बाहर तक ऊंची आवाज़ें सुनाई देने लगीं...... रेस्ट हाउस के बाहर से गुजर रहे राहगीर भी शोर सुनकर रुक गए और यह जानने की कोशिश करने लगे कि आखिर अंदर ऐसा क्या हो रहा है..... जिस बैठक को संगठन और जनप्रतिनिधियों के बीच दूरी मिटाने का प्रयास माना जा रहा था, वही बैठक कुछ देर के लिए गरमागरम बहस और टकराव का मंच बन गई..... माहौल ऐसा बना कि कई नेताओं को बीच-बचाव करना पड़ा।

वन-टू-वन चर्चा में खुली असली तस्वीर

बैठक के दौरान प्रदेश महामंत्री अखिलेश सोनी ने पार्षदों से एक साथ फिर वन-टू-वन चर्चा कर उनकी राय जानी..... इस दौरान कई ऐसी बातें सामने आईं, जिन्होंने नगर निगम की अंदरूनी राजनीति की परतें खोल दीं.... सूत्रों के मुताबिक अधिकांश पार्षदों ने खुलकर अपनी पीड़ा, नाराज़गी और अनुभव साझा किए।

मेयर के विकास कार्यों पर अधिकांश पार्षदों ने जताया भरोसा

बैठक की सबसे बड़ी बात यह रही कि अधिकांश पार्षदों ने मेयर रामू रोहरा के विकास कार्यों और उनकी कार्यशैली पर भरोसा जताया...... पार्षदों का कहना था शहर के विकास को लेकर मेयर लगातार सक्रिय हैं और हर वार्ड को समान दृष्टि से देखने का प्रयास कर रहे हैं।

सभापति और कुछ एमआईसी सदस्य सबसे ज्यादा निशाने पर

वहीं दूसरी ओर बैठक में सभापति और कुछ एमआईसी सदस्यों की कार्यप्रणाली को लेकर जमकर नाराज़गी सामने आई..... कई पार्षदों ने आरोप लगाया कि उन्हें पर्याप्त सम्मान नहीं मिल रहा, उनकी बातों को गंभीरता से नहीं सुना जाता और कई मामलों में संवाद का अभाव है..... सूत्रों के अनुसार, कुछ पार्षदों ने यहां तक कह दिया कि यदि संगठन और निगम में बेहतर तालमेल बनाना है तो एमआईसी में बदलाव पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।

एमआईसी बदलने की मांग पर गूंजी तालियां

बैठक के दौरान जैसे ही एमआईसी में बदलाव का मुद्दा उठा, वहां मौजूद कई पार्षदों ने तालियां बजाकर उसका समर्थन किया...... यह दृश्य इस बात का संकेत माना जा रहा है कि निगम के भीतर असंतोष केवल कुछ लोगों तक सीमित नहीं है, बल्कि कई जनप्रतिनिधियों के मन में समान भावनाएं हैं।

रिश्तों को टूटने नहीं, जोड़ने की कोशिश

हालांकि पूरे घटनाक्रम के बीच प्रदेश महामंत्री अखिलेश सोनी ने सभी पार्षदों से साफ कहा कि व्यक्तिगत मतभेदों से ऊपर उठकर संगठन और शहर के विकास को प्राथमिकता देना ही सबसे बड़ा लक्ष्य होना चाहिए.... उन्होंने सभी पक्षों की बातें गंभीरता से सुनीं और आपसी संवाद बढ़ाने पर जोर दिया।

अब सबसे बड़ा सवाल...

धमतरी की राजनीतिक गलियारों में एक ही चर्चा है—

क्या इस बैठक के बाद दूरियां खत्म होंगी या और बढ़ेंगी ?
क्या एमआईसी में बदलाव की मांग केवल बैठक तक सीमित रहेगी या आने वाले दिनों में बड़ा फैसला देखने को मिलेगा ?
क्या संगठन असंतुष्ट पार्षदों की आवाज़ पर कोई ठोस कदम उठाएगा ? इन सभी सवालों के जवाब आने वाले दिनों में सामने आएंगे, लेकिन इतना तय है कि धमतरी नगर निगम की यह बैठक अब केवल एक संगठनात्मक बैठक नहीं रही, बल्कि नगर की राजनीति में नए समीकरणों और संभावित बदलावों का बड़ा संकेत बन गई है।



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