भखारा मार्ग से गुजरने वाले लोगों के लिए प्रशासन ने एक बड़ा फैसला लिया है..... सड़क पर बढ़ते यातायात दबाव और हादसों की आशंका को देखते हुए अब सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक धमतरी-भखारा मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित रहेगी..... यानी दिन के करीब 16 घंटे इस मार्ग पर भारी वाहनों के पहिए थमे रहेंगे..... धमतरी से भखारा होकर रायपुर जाने वाले और रायपुर से भखारा-धमतरी होकर दूसरे इलाकों की ओर आने वाले भारी वाहनों को निर्धारित समय में अब इस रास्ते का इस्तेमाल नहीं करना होगा.... ऐसे वाहनों के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) को वैकल्पिक मार्ग बनाया गया है
फैसले के पीछे सड़क सुरक्षा बड़ा कारण
भखारा मार्ग पर छोटे-बड़े वाहनों की लगातार आवाजाही और यातायात के दबाव को देखते हुए सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा हुई थी..... कलेक्टर की अध्यक्षता में हुई बैठक में दुर्घटनाओं की रोकथाम, यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने और आम नागरिकों की सुरक्षित आवाजाही को लेकर आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए.... कलेक्टर ने जिला परिवहन अधिकारी को भारी वाहनों की आवाजाही नियंत्रित करने और वाहन चालकों को नई व्यवस्था की जानकारी देने के लिए प्रमुख स्थानों पर स्पष्ट साइन बोर्ड लगाने के निर्देश दिए थे.....
सड़क पर लग गए बोर्ड… अब बारी नियम निभाने की
निर्देश के बाद जिला परिवहन विभाग ने अर्जुनी मोड़, खपरी उत्तर (बस्ती) और अटल चौक पर यातायात व्यवस्था से जुड़े साइन बोर्ड स्थापित कर दिए हैं.... प्रशासन का दावा है इस व्यवस्था से भखारा मार्ग पर यातायात का दबाव कम होगा और छोटे वाहन चालकों, दोपहिया सवारों, पैदल राहगीरों तथा स्थानीय नागरिकों को राहत मिलेगी..... कलेक्टर ने कहा है सड़क सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है..... वाहन चालकों से निर्धारित समय और मार्ग का पालन करने की अपील की गई है।
लेकिन कहानी अब शुरू होगी…
आदेश जारी हो गया…
साइन बोर्ड लग गए…
समय तय हो गया…
वैकल्पिक मार्ग भी बता दिया गया…
लेकिन सवाल अब भी वहीं खड़ा है—क्या यह व्यवस्था वास्तव में लंबे समय तक जमीन पर दिखाई देगी ?
अक्सर यातायात नियमों को लेकर शुरुआती दिनों में सख्ती नजर आती है, लेकिन वक्त गुजरने के साथ निगरानी ढीली पड़ने की शिकायतें भी सामने आती रही हैं..... ऐसे में भखारा मार्ग की इस नई व्यवस्था को लेकर भी लोगों की नजर अब प्रशासन की निगरानी और नियमों के वास्तविक पालन पर रहेगी..... क्या सुबह 6 से रात 10 बजे तक भारी वाहनों के पहिए सचमुच इस मार्ग से दूर रहेंगे ? क्या नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई होगी ? क्या साइन बोर्ड लगने के बाद व्यवस्था सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं रहेगी ?
नियम बना है… अब उसकी उम्र कितनी होगी ?
प्रशासन ने अपनी तरफ से व्यवस्था लागू कर दी है..... अब जिम्मेदारी वाहन चालकों की भी है और निगरानी संबंधित विभाग की भी.... क्योंकि सड़क पर नियम लिख देना आसान है… उन्हें रोज निभवाना असली चुनौती है.... फिलहाल भखारा मार्ग पर दिन में भारी वाहनों की नो-एंट्री का फैसला लोगों के लिए राहत की उम्मीद लेकर आया है..... लेकिन यह राहत कितने दिन कायम रहती है, नियमों का पालन कितनी सख्ती से होता है और उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई कितनी तेज होती है—
इसका जवाब आज नहीं… आने वाला वक्त देगा
नियम बन गया है… साइन बोर्ड लग गए हैं… अब देखना सिर्फ इतना है—भखारा मार्ग पर भारी पहियों की यह रोक कितने दिन सच में कायम रहती है ?





