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अब आशंका नहीं... समंदर में विकराल हुआ मुरसु, आज रात तट से टकराने की घड़ी करीब!

 

धमतरी/नई दिल्ली। अब यह सिर्फ समंदर में बन रहे किसी सिस्टम की खबर नहीं रही... बंगाल की खाड़ी में उठा मुरसु ताकत बटोरते-बटोरते गंभीर चक्रवाती तूफान यानी Severe Cyclonic Storm में तब्दील हो चुका है.... अर्नब के गुज़रने के चंद दिनों बाद ही समंदर ने एक बार फिर अपना रौद्र मिज़ाज दिखाना शुरू कर दिया है..... सोमवार 2 नवंबर की रात बेहद अहम होने जा रही है, क्योंकि मुरसु तेजी से दक्षिण आंध्र प्रदेश के तट की तरफ बढ़ रहा है और इसके आधी रात से सोमवार 3 नवंबर की तड़के के बीच तट पार करने की संभावना है।

आज आधी रात के बाद सबसे बड़ी परीक्षा!

मौसम विभाग का अनुमान है मुरसु नेल्लोर और नरसापुर के बीच, ओंगोल के दक्षिण में दक्षिण आंध्र प्रदेश तट को पार कर सकता है...... लैंडफॉल के दौरान हवा की रफ्तार 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटे रहने और झोंकों के 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका है..... संभावित लैंडफॉल का वक्त 2 नवंबर रात करीब 11:30 बजे से 3 नवंबर तड़के करीब 4 बजे के बीच बताया गया है...... समंदर का मिज़ाज पहले ही बेहद खराब हो चुका है...... दक्षिण आंध्र तट के लिए व्यापक बारिश, भारी वर्षा और बेहद ऊंची समुद्री लहरों की चेतावनी है...... कुछ बंदरगाहों पर Great Danger Signals भी लगाए गए हैं...... निचले तटीय इलाकों में समुद्री पानी चढ़ने का खतरा भी जताया गया है।

बारिश भी बनेगी बड़ी मुसीबत

मुरसु की चुनौती सिर्फ तेज हवाओं तक सीमित नहीं है...… IMD ने 2 और 3 नवंबर को Coastal Andhra Pradesh के लिए Extremely Heavy Rain और Strong Surface Winds की चेतावनी जारी की है...... 4 नवंबर को भी भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का खतरा बना रह सकता है।

छत्तीसगढ़–धमतरी की नजर अब मुरसु के अगले कदम पर

तूफान के तट पार करने के बाद उसकी बची हुई ताकत, आगे बढ़ने की दिशा और उससे आने वाली नमी यह तय करेगी कि छत्तीसगढ़ के दक्षिणी और मध्य हिस्सों तक मौसम में कितना बदलाव पहुंचेगा..... इसलिए धमतरी और आसपास के इलाके को लेकर भारी बारिश का कोई बढ़ा-चढ़ाकर दावा करने के बजाय अगले आधिकारिक पूर्वानुमान पर नजर रखना जरूरी होगा..... फिलहाल सबसे बड़ी खबर यही है—जिस मुरसु को कुछ दिन पहले तक संभावित चक्रवात कहा जा रहा था, वह अब गंभीर चक्रवाती तूफान बन चुका है..... समंदर में उसकी ताकत बढ़ चुकी है और आज की रात दक्षिण आंध्र तट के लिए बेहद अहम है।

अर्नब के बाद मुरसु...
बंगाल की खाड़ी ने एक बार फिर करवट बदल दी है,
और अब घड़ी सिर्फ तूफान के आने की नहीं—
उसके तट से टकराने की है।



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