धमतरी पुलिस ने आखिरकार उस गुत्थी को सुलझा लिया है, जिसने बीते ढाई महीनों से पुलिस की नींद उड़ा रखी थी...... शहर की पॉश और महफूज़ मानी जाने वाली आकाश गंगा कॉलोनी में हुई हाई-प्रोफाइल चोरी का पर्दाफाश हो गया है..... यह वारदात इसलिए भी सुर्खियों में रही क्योंकि इसी कॉलोनी में प्रदेश के मुख्यमंत्री के करीबी रिश्तेदार भी सुकून से रहते हैं..... ऐसे में इस चोरी ने पुलिस की कार्रवाई और इंतज़ामात पर कई सवाल खड़े कर दिए थे।
फिल्मी अंदाज़ में खुला राज़
कोतवाली थाना क्षेत्र में 7-8 फरवरी की दरमियानी रात, नकाबपोश चोरों ने सूने मकान को निशाना बनाकर सनसनी फैला दी थी..... वारदात के बाद से पुलिस लगातार दबाव में थी, लेकिन ढाई महीने बाद जो सच सामने आया, वो किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं निकला।
मध्य प्रदेश का कुख्यात धार गैंग निकला मास्टरमाइंड
जांच में खुलासा हुआ कि इस चोरी के पीछे मध्य प्रदेश का कुख्यात धार गैंग शामिल है, जो पुलिस को चकमा देने में माहिर माना जाता है।
9 दिन तक धार में डेरा, बदले भेष और पहचान
गिरोह तक पहुंचने के लिए धमतरी पुलिस ने जबरदस्त मेहनत की...
- पुलिस टीम ने लगातार 9 दिनों तक मध्य प्रदेश के धार में डेरा डाला
- अपनी पहचान छिपाने के लिए अलग-अलग भेष बदले
- संदिग्धों पर बारीकी से नजर रखकर आखिरकार सुराग हासिल किया
आरोपी की कबूलियत
पकड़े गए आरोपी दिनेश बवानिया ने पूछताछ में कबूल किया कि उसने आकाश गंगा कॉलोनी के एक मकान से सोने की अंगूठी और अन्य कीमती सामान चोरी किए थे।
छत्तीसगढ़ के कई शहरों में फैला नेटवर्क
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि यह गैंग सिर्फ धमतरी ही नहीं, बल्कि अंबिकापुर और कोरबा जैसे शहरों में भी कई बड़ी चोरी की वारदातों को अंजाम दे चुका है।
अब भी तीन आरोपी फरार
फिलहाल पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, लेकिन गिरोह के तीन अन्य सदस्य अब भी फरार हैं..... वही धमतरी पुलिस का दावा है कि जल्द ही बाकी आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा और इस गैंग का पूरी तरह सफाया किया जाएगा।





