Breaking News

रात का सन्नाटा... सड़क किनारे मशीन... जमीन में उतरता बोर—फिर उठे बड़े सवाल!


सड़क खामोश थी... आवाजाही सामान्य थी... तभी अचानक मशीन की आवाज ने सन्नाटा तोड़ा...... धीरे-धीरे खुदाई शुरू हुई... जमीन खुलती गई... और फिर एक बोर जमीन के भीतर उतरने लगा..... दृश्य सामान्य लग सकता है... लेकिन जैसे-जैसे बात सामने आई, मामला सवालों में घिरता चला गया....

मगर कहानी में असली ट्विस्ट यहां आया...

बताया गया जिस जगह पर यह काम कथित तौर पर कराया जा रहा है, वह कोई निजी परिसर नहीं बल्कि नगर निगम की सड़क का हिस्सा बताया जा रहा है.....

बस फिर क्या था...
मशीन दिखी तो सवाल उठे, खुदाई दिखी तो शक गहराया और सार्वजनिक सड़क का नाम सामने आया तो मामला सीधे नगर निगम की चौखट तक पहुंच गया..... स्थान—सुंदरगंज वार्ड, पुराने बस स्टैंड से महज करीब 100 फीट अंदर.... यही रास्ता लाल बगीचा, औद्योगिक वार्ड, सुभाष नगर वार्ड और शीतलापारा की ओर आने-जाने वाले लोगों के लिए महत्वपूर्ण मार्ग बताया जाता है...

अब सवाल बेहद सीधा है—

सड़क सार्वजनिक... बोर निजी... तो अनुमति किसकी ?

स्थानीय लोगों का आरोप है एक मकान मालिक द्वारा कथित तौर पर निजी उपयोग के लिए सार्वजनिक मार्ग पर बोर खनन कराया जा रहा है.... हालांकि आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है

लेकिन अगर यह दावा सही पाया जाता है, तो सवाल कई हैं—

क्या नगर निगम से अनुमति ली गई ?
क्या सड़क की सीमा में निजी बोर खनन की स्वीकृति संभव है ?
अगर अनुमति है तो किस नियम के तहत ?
और अगर अनुमति नहीं है तो मौके पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई ?

मशीन की आवाज सुनाई दी... मगर जिम्मेदारों को भनक लगी या नही ?

यही सवाल अब सबसे ज्यादा चर्चा में है....

स्थानीय लोगों के अनुसार, सार्वजनिक रास्ते पर कथित तौर पर खुदाई का काम चल रहा है...... ऐसे में यह जांच का विषय है संबंधित विभाग को इसकी जानकारी थी या नहीं..... अगर जानकारी थी तो कार्रवाई क्यों नही ? और अगर जानकारी नहीं थी तो नगर निगम की निगरानी व्यवस्था कितनी सक्रिय है ?

किसकी सड़क, किसका इस्तेमाल ?

मामला सिर्फ एक बोर खनन का नहीं है..... सवाल यह भी है सार्वजनिक सुविधा के लिए बनी सड़क पर निजी उपयोग की गुंजाइश आखिर कैसे बनी ?..... लोगों की मांग है निगम अधिकारी मौके पर पहुंचकर सड़क की सीमा, बोर खनन की अनुमति और पूरे मामले की वैधानिकता की जांच करें..... यदि नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो नियमानुसार कार्रवाई हो और यदि अनुमति वैध है तो उसकी स्थिति भी स्पष्ट की जाए.... फिलहाल आरोप कथित हैं और वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही सामने आएगी....

लेकिन कहानी का सबसे रहस्यमय सवाल अभी भी बाकी है—

मशीन किसने बुलवाई... बोर किसके लिए उतरा... और सार्वजनिक सड़क पर इसकी इजाजत आखिर किसने दी ?

अब जवाब नगर निगम की जांच से सामने आएगा।



Show comments
Hide comments
Cancel