Breaking News

भड़क उठे प्रभारी साहब! अधिकारी को सरेआम फटकार, पूरा 'हाई-वोल्टेज' घटनाक्रम कैमरे में कैद

 

नगर निगम धमतरी एक बार फिर चर्चाओं के केंद्र में है...... इस बार वजह कोई विकास कार्य या नई योजना नहीं, बल्कि एक भूमि पूजन कार्यक्रम के दौरान सामने आया ऐसा घटनाक्रम है, जिसकी चर्चा अब निगम के गलियारों से निकलकर पूरे शहर में होने लगी है..... सबसे खास बात यह है कि जिस घटना को लोग अब तक सिर्फ सुन रहे थे, उसका वीडियो भी अब सामने आया है, जिसमें पूरा घटनाक्रम कथित तौर पर कैद है....


मामला एक भूमि पूजन कार्यक्रम से जुड़ा बताया जा रहा है..... कार्यक्रम के शिलापट्ट पर जब पीडब्ल्यूडी प्रभारी विजय मोटवानी की नजर पड़ी, तो कथित तौर पर उनका नाम उसमें नहीं था...... बस फिर क्या था, माहौल अचानक बदल गया...... प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार प्रभारी साहब की नाराजगी खुलकर सामने आ गई और देखते ही देखते कार्यक्रम का केंद्र विकास कार्य नहीं, बल्कि वही शिलापट्ट बन गया...... मौके पर मौजूद लोगों  और वायरल वीडियो के मुताबिक प्रभारी विजय मोटवानी ने निगम के एई को जमकर खरी-खोटी सुनाई..... उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा अधिकारी हो तो अधिकारी बनकर काम करो, नेता बनने की जरूरत नहीं है...... इतना ही नहीं, यह भी सवाल उठाया गया कि क्या अब सारे फैसले अधिकारी ही तय करेंगे ? बताया जाता है कि उनकी आवाज इतनी बुलंद थी कि आसपास मौजूद लोग भी रुककर पूरा घटनाक्रम देखने लगे..... घटना का सबसे चर्चित पहलू यह है कि पूरा वाकया कैमरे में रिकॉर्ड हो गया...... अब यही वीडियो शहरभर में चर्चा का विषय बना हुआ है..... वीडियो देखने वाले लोग अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कोई इसे जनप्रतिनिधि की जायज नाराजगी बता रहा है, तो कोई इसे नगर निगम के भीतर बढ़ रही खींचतान और समन्वय की कमी का सार्वजनिक प्रदर्शन मान रहा है..... इस पूरे घटनाक्रम ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं.... आखिर एक शिलापट्ट पर नाम नहीं होने जैसी बात इतनी बड़ी नाराजगी की वजह कैसे बन गई ? क्या यह सिर्फ प्रोटोकॉल और सम्मान का मामला था, या फिर इसके पीछे लंबे समय से चल रही कोई अंदरूनी नाराजगी छिपी हुई है ? क्या निगम के भीतर जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के बीच सब कुछ सामान्य नहीं है ? शहर में चर्चा यह भी है कि यदि इतनी बड़ी चूक हुई, तो इसकी जिम्मेदारी आखिर किसकी इस ? क्या शिलापट्ट तैयार करने से पहले संबंधित जनप्रतिनिधियों से चर्चा नहीं की गई थी ? या फिर यह केवल एक प्रशासनिक भूल थी, जिसने मौके पर विवाद का रूप ले लिया ? फिलहाल इस पूरे मामले को लेकर आधिकारिक तौर पर कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन वीडियो सामने आने की चर्चाओं ने मामले को और गर्म कर दिया है.... निगम के भीतर क्या सब कुछ ठीक-ठाक चल रहा है या फिर अंदर ही अंदर कुछ ऐसा पक रहा है जो अब सार्वजनिक रूप से सामने आने लगा है, यह सवाल लोगों के बीच लगातार गूंज रहा है।

अब सबसे बड़ा सवाल...

क्या यह केवल एक नाम छूटने की नाराजगी थी, या फिर शिलापट्ट ने नगर निगम के भीतर चल रही किसी बड़ी खींचतान की परतें खोल दी हैं ? क्योंकि कई बार एक छोटी सी चूक, व्यवस्था के भीतर छिपे बड़े सवालों को सामने ले आती है... और इस बार सवाल सीधे नगर निगम की कार्यशैली पर उठ रहे हैं।



Show comments
Hide comments
Cancel